Mohandas Karmachand Gandhi
2019
प्रिटोरिया जाते हुए ... इस बीच एक यात्री आया। उसने मेरी तरफ देखा। मुझे भिन्न वर्ण का पाकर वह परेशान हुआ, बाहर निकला और एक-दो अफसरो को लेकर आया। किसी ने मुझे कुछ न कहा। आखिर एक अफसर आया। उसने कहा, 'इधर आओ। तुम्हें आखिरी डिब्बे में जाना हैं।' मैने कहा, 'मेरे पास पहले दर्जे का टिकट हैं।' उसने जबाव दिया, 'इसकी कोई बात नहीँ। मैं तुम्हें कहता हूँ कि तुम्हे आखिरी डिब्बे जाना हैं।' 'मैं कहता हूँ कि मुझे इस डिब्बें में डरबन से बैठाया गया हैं और इसी में जाने का इरादा रखता हूँ।' अफसर ने कहा, 'यह नही हो सकता, तुम्हे उतरना पडेगा, और न उतरे तो सिपाही उतारेगा।' मैंने कहा, 'तो फिर सिपाही भले उतारे मैं खुद तो नहीं उतरूँगा।' सिपाही आया। उसने मेरा हाथ पकडा और मुझे धक्का देकर नीचे उतर दिया।
Read this work at the World Public Library (library card needed).